पैसा कमाने के लिए इतना वक़्त खर्चा ना करो कि
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पैसा खर्च करने के लिए वक़्त ही ना मिले।
अगर किसी को कुछ देना है तो उसे अच्छा वक्त दो।
क्योंकि आप हर चीज़ वापिस ले सकते हो;
मगर किसी को दिया हुआ अच्छा वक्त वापिस नहीं ले सकते।
एक बेहतरीन इंसान अपनी जुबान से ही पहचान जाता है;
वर्ना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती हैं।
खाया पिया-अंग लगेगा;
दान किया-संग चलेगा;
बाकी बचा-जंग लगेगा।
दुनिया में कोई भी चीज़ अपने आपके लिए नहीं बनी है।
जैसे:
दरिया - खुद अपना पानी नहीं पीता।
पेड़ - खुद अपना फल नहीं खाते।
सूरज - अपने लिए हररात नहीं देता।
फूल - अपनी खुशबु अपने लिए नहीं बिखेरते।
मालूम है क्यों?
क्योंकि दूसरों के लिए ही जीना ही असली जिंदगी है।
दो पल की जिंदगी है, इसे दो ही असूलों पर गुजार दो।
रहो तो फूलों की तरह
वर्ना
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बिखरो तो खुशबु की तरह।
सफलता चलकर नहीं आती, हमें उस तक पहुँचना पड़ता है।
ठीक उसी तरह, जिस तरह भगवान् ने हर पंक्षी के लिए भोजन तो दिया है पर उसके घोंसले में नहीं।
ऊपर जिसका अंत नहीं उसे 'आसमां' कहते हैं;
इस जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे 'माँ' कहते हैं।
जिंदगी में हद से ज्यादा ख़ुशी और हद से ज्यादा गम का कभी किसी से इज़हार मत करना।
क्योंकि, ये दुनिया बड़ी ज़ालिम है।
हद से ज्यादा ख़ुशी पर 'नज़र' और हद से ज्यादा गम पर 'नमक' लगाती है। शुभ दिन।
अपने दिल को पत्थर का बनाकर रखना;
हर चोट के निशान को सजाकर रखना;
उड़ना हवा में खुलकर लेकिन;
अपने कदमों को ज़मी से मिला कर रखना!



