रहने दे आसमान ज़मीन की तलाश कर;
सब कुछ यहीं है ना, ना कहीं और तलाश कर;
हर आरजू पूरी हो तो जीने का क्या मज़ा;
जीने के लिए बस वजह की तलाश कर!
ज़िन्दगी में कुछ बनो या ना बनो परन्तु किसी का सिर दर्द कभी ना बनो!
तारो में अकेला चाँद जगमगाता है;
मुश्किलो में अकेला इंसान डगमगाता है;
कांटों से मत घबराना कभी, ऐ दोस्त;
क्योंकि कांटों में अकेला गुलाब मुस्कुराता है!
जिस्म तो बहुत संवार चुके, रूह का सिंगार कीजिये;
फूल शाख से न तोड़िए, खुशबुओं से प्यार कीजिये!
दो कदम दूर, हर किनारा होगा;
सोचो, कितना खूबसूरत यह नजारा होगा;
बस कहे जो दिल उसे, दिल से करना;
फिर देखना जो सोचोगे, वो तुम्हारा होगा!
किसी की बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल उस 'मक्खी' जैसी है जो सारे खूबसूरत बदन को छोड़कर, केवल 'जख्मों' पर ही बैठती है!
समय और समझ एक साथ खुश किस्मत लोगों को ही मिलती है!
क्योंकि अक्सर समय पर समझ नहीं आती और समझ आने तक समय निकल जाता है!
आज कल का संगीत सुनकर कोई ज्ञान नहीं मिलता;
मंदिर जाकर भगवान् नहीं मिलता;
पत्थर तो लोग इसलिए पूजते हैं;
क्योंकि विश्वास के लायक इंसान नहीं मिलता!
अगर इंसान को पाना है तो सियासत की सीख चाहिए!
क्योंकि शराफ़त से तो खुदा ही मिलता है, इंसान नहीं!
मीठे बोल बोलिये क्योंकि अल्फाजों में जान होती है;
इन्हीं से आरती, अरदास और इन्हीं से अज़ान होती है;
यह समुंदर के वह मोती हैं;
जिनसे इंसानों की पहचान होती है!



