आप की खातिर से हम करते हैं जब्ते-इज्तिराब;
देखकर बेताब मुझको और घबराते हैं आप!
अर्थ:
जब्ते-इज्तिराब - बेचैनी या बेकरारी पर काबू
बेताब - व्याकुल, बेचैन
उसको छूना जुर्म है तो मेरी सजा-ए-मौत का इंतजाम करो;
मेरे दिल की जिद है कि आज उसे सीने से लगाना है!
कभी मुझको साथ लेके,
कभी मेरे साथ चल के,
वह बदल गये अचानक,
मेरी ज़िन्दगी बदल कर।
न मेरा नाम था, न दाम था बाजार-ए-मोहब्बत में;
तुमने भाव पूछकर अनमोल कर दिया!
आप की खातिर से हम करते हैं जब्त-ए-इज्तिराब;
देखकर बेताब मुझको और घबराते हैं आप।
Meaning:
1. जब्त-ए-इज्तिराब - बेचैनी या बेकरारी पर काबू
2. बेताब - व्याकुल, बेचैन
अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का;
रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है।
हाल तो पूछ लूँ तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी;
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है।
चरागों को आँखों में महफूज रखना;
बड़ी दूर तक रात ही रात होगी;
मुसाफिर हो तुम भी, मुसाफिर हैं हम भी;
किसी मोड़ पर, फिर मुलाकात होगी।
आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं;
जैसे हर शय में किसी शय की कमी पाता हूँ मैं।
Meaning:
शय - चीज
इस दौर में जिन्दगी बशर की;
बीमार की रात हो गयी है।
Meaning:
बशर - मनुष्य, मानव, आदमी



