पहले छींक आती थी लगता था कि कोई याद कर रहा है!
अब छींक आती है तो लगता है चित्रगुप्त फाइल चेक कर रहा है!
हम भारतीय भी गजब ढाते हैं!
सैनिटाइज़र में भी पानी डाल कर इसकी कमी पूरी कर लेते हैं!
लगातार भाप ले लेकर, कपूर सूंघ कर, डबल मास्क पहन कर मुझे तो डर है कि कहीं नाक ही ख़ुदकुशी ना कर ले!
गौतम बुद्ध ने घर छोड़ा तो भगवान बन गए! मैंने घर छोड़ा तो 2 लट्ठ पड़ गए और चौंक पे मुर्गा भी बन गया! इसलिए घर पर रहें, सुरक्षित रहें!
दूरियाँ तो पहले ही आ चुकी थीं लोगों के दिलों में, एक बीमारी ने आकर इल्ज़ाम अपने सिर ले लिया!
4 घंटे में पूरा करना होगा विवाह समारोह! ~ सरकार अब सरकार को ये कौन बताये कि 4 घंटे में तो बस रूठ कर बैठा हुआ फूफ़ा ही मानेगा!
तमाम क़ायनात में एक क़ातिल बीमारी की हवा हो गयी; वक़्त ने कैसा सितम किया कि दूरियाँ दवा हो गयी!
आज का ज्ञान: बहू, नारियल, दामाद और तरबूज़ अंदर से कैसे निकलेंगे कोई नहीं जानता!
सोच रहा हूँ लॉकडाउन बढ़ गया तो इस बार छुट्टियाँ मनाने दूसरे कमरे में चला जाऊँगा!
2 साल होने को आये किसी की शादी का कार्ड नहीं आया! दहीं बड़े-गुलाब जामुन का स्वाद ही भूल गया हूँ!



