पति: जब देखो तब बेकार के खर्चे करती रहती हो!
पत्नी: मेरे ही खर्चे तुमको बेकार के लगते हैं, तुम्हारे बड़े-बड़े बेकार के खर्चे हैं उसका कुछ नहीं!पति: ले, मैंने कब ऐसे बेकार के खर्चे करे?
पत्नी: क्यों, बड़े-बड़े बीमा के प्रीमियम भरते हो, लेकिन जब मरने का टाइम आया तब घर में घुस के बैठे हो!
भगवान कसम, इतने साथ तो हनीमून पर भी नहीं रहे!
श्रीमतीजी बोली: तारीफ करो मेरी!
मैं बोला, "ये हल्की-हल्की मूंछे अच्छी लगती हैं तुम पर!
पत्नि: आप मास्क क्यों नहीं पहनते?
पति: लेकिन मैं कहीं जा नही रहा, मैं तो घर पर ही हूँ!
पत्नी: मूझे पता है मैं तुम्हारा चेहरा देख-देख कर ऊब गई हूँ!
ये जो 21 दिन बीवी के साथ गुज़ार रहे हो न,
इसे आप रिटायर्ड लाइफ का ट्रेलर भी समझ सकते हो!
भगवान सब्र दे उन लोगों को जिनकी बीवी मायके मे फंसी है और हिम्मत दे उन लोगों को जो बीवी के पास फंसे हैं!
मैंने पत्नीजी से कहा...
इस लॉक डाउन मेंं मूझे एहसास हुआ कि "तुम क्या हो?"
आज मैं कहना चाहता हूं कि "तुम शांत, भोली, कभी न झगड़ने वाली एक सुंदर पत्नि हो"
पत्नि: मुझे इतना भी बुद्ध मत समझो... मैं इतनी आसानी से अप्रैल फूल नहीं बनने वाली!
पति: तुम कहाँ हो?
पत्नी: आप के दिल में हूँ!
पति: मोदी जी ने कितनी बार समझाया है कि भीड़-भाड वाली जगह पर मत जाओ।
कोरोना से डरना नहीं लड़ना है;
बीवी से लड़ना नहीं डरना है!
और बताओ...
बीवी की नज़रों में घर में थोड़ी बहुत इज़्ज़त है कि नहीं!



