आज का ज्ञान:
सच्चे दोस्त वो होते हैं जो मदद करने से पहले...
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दुनिया भर की गालियाँ देते हैं।
हाथों में दस्ताने, चेहरे पे लिपटा स्कार्फ़, कंधे पर दुपट्टा, बंधे हुए बाल।
यक़ीनन, सर्दी लड़कियों को संस्कारी बना देती है।
कभी कभी तो लगता है कि ये दौलत, ये शोहरत, तमाम ऐश-ओ-आराम त्याग कर सन्यास ही ले लूँ। फिर ख्याल आता है कि...
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पहले ये सब मिलें तो सही।
पहले लोग "बालकनी" में आने की राह देखते थे अब "On-line" आने की देखते हैं।
'रिश्ता वही, सोच नयी'
झटका कुछ इस तरह दिया सनम ने, अपनी जुल्फों को;
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इकठ्ठे 7 जूएँ मेरे दामन में आ गिरी।
हर बार अल्फ़ाज़ ही काफी नही होते किसी को समझाने के लिए...
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कभी - कभी चाँटे भी लगाने पड़ते हैं।
इससे बड़ी बेदर्दी क्या होगी किस्मत की हमारे साथ...
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राइटिंग खराब थी - फिर भी डॉक्टर ना बन सके।
दोस्त इतने भी कमीने नहीं होने चाहिये कि एक तो कमीनो को नाली से उठाकर लाओ और...
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अगली सुबह वो बोलें "मुझे लाया मेरी चप्पल क्यों नहीं लाया?"
अगर 'कुछ कुछ होता है' में शाहरुख़ की जगह रामदेव होता तो काजोल का नाम अंजली नहीं पतंजलि होता।
आजकल साबुन इतने रंगीन और खूबसूरत आ रहे हैं कि नहाते समय समझ ही नहीं आता है कि...
नहाना है या खाना है।



