पहले लोगों की इज्जत उनके हाथ में रहती थी...
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आजकल "मैमोरी कार्ड" में रहती है।
दिग्विजय: अमृता, आखिर तुमने मुझमे क्या देख कर प्यार किया?
अमृता: एक तो आपकी इनकम और दूसरे आपके दिन कम!
प्रेमिका: मैं किसी और से शादी कर रही हूँ, तुम मुझे भूल जाओ!
प्रेमी: न तेरे आने की ख़ुशी, न तेरे जाने का ग़म! जा बहन जा, दूसरी पटा लेंगे हम!
टीचर: अगर दुनिया में लड़की नहीं हो तो क्या होगा?
बंटी: कॉलेज वीरान, गलियां सुनसान, दुनियां परेशान, तन्हा इंसान, ना जानू, ना जान
हर तरफ जय हनुमान!!!
मैं अकेले ही चली थी गुवाहटी से मुंबई की ओर,
शौहर मिलते गए, कारवां बनता गया..!
~ इन्द्राणी
मजबूरियां होती हैं महान लोगों के जीवन में।
नही तो राम वनवास में...
कृष्ण कारावास में...
और...
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मैं ऑफिस में क्यों बैठता?
कुकिंग शो वाले जहाँ पहले कहते थे 'नमक स्वादानुसार' अब कहते हैं,
'नमक स्वादानुसार और प्याज़ औकातानुसार'।
अपना आधा देश तो EX, SEX और SENSEX के चक्कर में ही बर्बाद हो रहा है।
अमीर वो नही जो महंगी दारु पीते हैं, अरे अमीर तो वो है जो...
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साथ में प्याज का सलाद खाते हैं।
जो लोग गाडी का पेट्रोल टैंक फुल भरवा के खुद को अमीर समझ रहे हैं, उन्हें बता दूँ कि मैंने अभी-अभी प्याज़ के परांठे खाये हैं।



