हम अपनी बेबसी किसी पागल को नहीं बताएंगे;
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ऊपर लिखा तो है नहीं बताएंगे तो बस नहीं बताएंगे।
हर कमीना अपने आप को शरीफ समझता है।
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अब तुम बताओ तुम क्या हो?
कोई दोस्त हो तुम जैसा,
कोई चाहने वाला हो तुम जैसा;
कोई दिल से प्यारा हो तुम जैसा;
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पता नहीं क्यों सब मुझे यही कहते रहते हैं।
अच्छी बात तो सब को अच्छी लगती है,
पर जब तुम्हें किसी की बुरी बात भी बुरी न लगे तो समझना...
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तुम्हें जलील होने की आदत हो गयी है।
ज़िंदगी में जब आपको कोई रास्ता दिखाई ना दे;
कोई मंज़िल दिखाई ना दे, कोई अपना दिखाई ना दे तो...
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मोबाइल में टॉर्च भी होती है उसे जला लेना।
तेरी खामोशी और उदासी को हम समझ ना सके दोस्त...
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वो तो शाम को तेरी मम्मी ने बताया कि आज, तेरी चप्पल से पिटाई हुई है।
अगर आप महान बनना चाहते हैं तो महान लोगों की संगत में रहें।
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सच में मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं, तुम जब मर्ज़ी मुझ से मिलने आ जाना।
कल 2 लोगों को बेवक़ूफ़ बनाया।
पूछो कैसे?
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बिलकुल ऐसे,
अब 3 हो गए।
आप मन ही मन उन्हें चाहते रह गए;
उन्हें पटाने का प्लॉन बनाते रह गए;
पटाकर कोई और ले गया उनको;
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और आप उनकी शादी के टैंट से कुत्ते भगाते रह गए।
एक आदमी की 6 उँगलियाँ थी और सब लोग उसे राधे-श्याम कहते थे, क्यों?
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क्योंकि उसका नाम राधे-श्याम था।
फालतू दिमाग मत लगाया करो।



