क्या आपको पता है कि आप लोग भी बिना पैराशूट के 5000, 10000 या 20000 फ़ीट की ऊंचाई से कूद सकते हैं!
लेकिन सिर्फ एक बार!
ना इश्क में ना पढाई में बहुत दर्द है दिवाली की सफाई में!
इंटरनेट के अविष्कार से ज़िन्दगी कितनी आरामदेह हो गयी है!
ये एक बैंक कर्मचारी से अच्छा कौन समझ सकता है! बड़े मज़े से कह देते हैं सर्वर डाउन है!
कोई बैंक में जॉब लगवा दो!
उसने कहा मैं अंदर से टूट गई हूँ मैंने चाय में फेविस्टिक घोल कर पिला दिया!
मैंने पूछा एक पल में जान कैसे निकलती है!
उसने मज़ाक मज़ाक में मेरा 2000 का नोट फाड़ दिया!
(चुड़ैल कहीं की)
कुछ लोगों की शायरी पढ़ कर दिल करता है, सारे काम छोड़ कर...
पहले उसका महबूब ढूंढ के दें!
आफत मचा रखी है!
कभी खुद पे कभी हालात पे रोना आया,
बीवी पास बैठी थी और पड़ोसन का वीडियो कॉल आया!
कल मैंने बुखार का बहाना बनाकर छुट्टी ली थी... आज सचमुच बुखार हो गया!
सोच रहा हूँ अगले हफ्ते शादी का बहाना कर लूँ!
अगर एक ही टीचर सब विषय नहीं पढ़ा सकता तो ऐसी उम्मीद क्यों करते हैं कि एक ही स्टूडेंट सब विषय पढ़े!
हमें बस अनलिमिटेड इंटरनेट पैक और खाना दे दो...
बस इस पापी संसार से और कुछ नहीं चाहिए!



