जिस तरह आधार कार्ड हर मामले में टाँग अड़ा रहा है,
आने वाले दिनों में तो लोग शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन की कुंडली नहीं, आधार मिलवाएंगे आपस में।
दाढ़ी बढ़ाने से गर्ल फ्रेंड बन जाती है।
इसअफवाह ने भी पूरे देश के लड़कों को आदिवासी बना दिया है।
अगर कोई आपको बेवक़ूफ़ कहे तो परेशान मत होना, दुखी मत होना, अफसोस मत करना, रोना भी नहीं और डरना भी मत, हिम्मत से धीरे से कुर्सी पर बैठना और ठंडे दिमाग से सोचना...
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साले को पता कैसे चला?
2-3 घंटे इंटरनेट ना चले तो एहसास होता है कि
साधू-सन्यासी लोगों का जीवन कितनी कठिनाइयों से भरा है।
5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं फेल विद्यार्थी निराश ना हो, हमसे आकर मिलें।
2 चीज़ें साथ जरूर लायें...
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एक तगारी, एक फावड़ा!
~ भूरा ठेकेदार
ढूंढ़ने पर तो भगवान भी मिल जाता है ऐसी पोस्ट डालने वाले थिएटर में फिल्म देखने जाते हैं तो खुद की सीट भी नहीं ढूंढ पाते।
मैं जब भी मित्रों को ऑनलाइन देखता हूँ दिल में सुकून होता है कि मैं अकेला ही फुर्सत में नहीं बैठा हूँ, काम धंधा इनके पास भी नहीं है।
हम लड़के जब तक करियर बना कर अपने पैरों पर खड़े होते हैं, तब तक हमारी क्लास की लड़कियों के बच्चे अपने पैरों पर चलने लगते हैं।
कमियाँ तो बहुत हैं मुझमें पर कोई निकाल कर तो देखे,
थोबड़ा ना सूजा दूँ तो कहना।
इंडिया में लड़के जीजू और लड़कियां भाभी कब बन जाती हैं पता ही नहीं चलता!



