बंता: आप यहाँ बैठे हो आपका दोस्त मर गया है आप गए क्यों नहीं?
संता: मैं जाता मगर उसने मुझे बुलाया ही नहीं!
संता जलेबी बेच रहा था मगर कह रहा था 'आलू ले लो आलू'!
बंता: लेकिन यह तो जलेबी है!
संता: चुप हो जा वरना मक्खियाँ आ जाएँगी!
बंता: आपकी शादी किस से हुई?
संता: मेरी शादी एक औरत से हुई है!
बंता: बेवकूफ कभी किसी मर्द से भी शादी होती है?
संता: हाँ मेरी बहन की हुई है!
संता अपनी बहन के साथ जा रहा था!
एक लड़का: ओये! माशूका को लेकर कहाँ जा रहे हो?
संता (गुस्से में): ओये! माशूका होगी तेरी मेरी तो बहन है!
संता: तुम्हारी भैंसों ने मेरे सारे खेत उजाड़ दिये हैं!
बंता: पर मेरे पास तो कोई भैंस ही नहीं है!
संता: मेरे पास कौन सा कोई खेत है?
बंता: मैं अपनी प्रेमिका को तोहफा देना चाहता हूँ!
संता: हीरे की अंगूठी दे दो!
बंता: नहीं कुछ बड़ा तोहफा बताओ?
संता: तो एम आर एफ का टायर दे दो!
बंता: यार मुझे सुबह सुबह साँस लेने में मुश्किल होती है!
संता: मुश्किल तो होगी ही क्योंकि सुबह सुबह बाबा राम देव के भगत सारी आक्सीजन जो खींच लेते है!
संता: मैं तो अपने सारे दोस्तों को भूल गया था! पर एक फिल्म देखी तो सब याद आ गये!
बंता: कौन सी फिल्म?
संता; कमीने!
संता: मैंने आपको ख़त लिखा था फिर भी आप शादी में क्यों नहीं आये?
बंता: मुझे ख़त नहीं मिला!
संता: तो मैंने लिखा तो था कि ख़त मिले या न मिले आना ज़रूर!
संता और बंता की खूब पिटाई हुई! पता है क्यों?
क्योंकि दोनों जन्मदिन की पार्टी में बिना बुलाये चले गए थे और वहां खाना खाते हुए बोल रहे थे हम तो लड़के वालों की तरफ से है!



