संता को पूरी रात मच्छरों ने बहुत परेशान किया!
संता की खोपड़ी घूमी और उसने ज़हर पी लिया और बोला अब काटो सालों सब मरोगे!
संता: आज मुझे एक मैसेज आया और उसके बाद मेरा फोन बंद हो गया!
बंता: ऐसा क्या मैसेज आया?
संता: बैटरी लो!
जंग में संता ने बुलेट प्रूफ जैकेट की जगह मच्छरदानी पहनी!
बंता: ऐसा क्यों?
संता: अरे गधे! जिसमें मच्छर नहीं घुस सकता उसमें गोली क्या ख़ाक घुसेगी ?
बंता: नीम हाकिम खतरा-ऐ-जान का क्या मतलब है?
संता: ऐ हाकिम तू नीम के पेड़ पर मत चढ़ना, तेरी जान को खतरा है!
बंता: कार पैट्रोल पर है या डीज़ल पर?
संता: न पैट्रोल पर है न डीज़ल पर!
बंता: तो किस पर है?
संता: किश्तों पर!
बंता: हमारे बुजुर्ग अब हमारे बारे में क्या सोचते होंगे?
संता: जब मैं स्वर्ग जाऊँगा तो पूछ के बताऊंगा!
बंता: अगर वो स्वर्ग में न हुये तो?
संता: तो नरक में तुम पूछ कर बता देना!
बंता: आप इतने परेशान क्यों हैं?
संता: मैं बाप बनने वाला हूँ?
बंता: यह तो ख़ुशी की बात है!
संता: परेशानी की बात यह है कि जीतो होने वाले बच्चे की माँ नहीं है!
संता: तू बहुत बड़ा गधा है!
बंता: मैं तो छोटा हूँ, बड़े तो आप हैं!
संता: मैं और मेरी पत्नी फिल्म देखने गये! हम फिल्म का एक भाग ही देख पाये!
बंता: क्यों? आपने दूसरा भाग क्यों नहीं देखा!
संता: पहले भाग के बाद स्क्रीन पर लिखा आ गया दूसरा भाग - दो दिन बाद! हम क्या दो दिन सिनेमा हाल में बैठे रहते?
बंता: हमारे बड़े-बूढ़े हमेशा हमें यह क्यों कहते हैं कि पराई औरतों को हमेशा अपनी माँ के समान समझो!
संता: वो इस तरह हमारा उल्लू बनाके अपना उल्लू सीधा करते हैं!



