डा० बंता : क्या तुम पशुओं के डॉक्टर हो ?
डा० संता : हाँ ! बोलो तुम्हे क्या बिमारी है ?

संता : बंता भाजी आप जुआ मत खेला करो ! जुये में अगर आदमी एक दिन जीतता है तो दुसरे दिन हारता भी है !
बंता : ठीक है संता भाजी!
आज से मैं एक दिन छोड़के जुआ खेला करूँगा !

बंता : भाजी आपने कल जो अपना कुत्ता बेचा है वो कितना वफादार था !
संता : भाजी बहुत ज्यादा वफादार था! मैं उसे पांच बार बेच चूका हूँ पांचों बार वापिस आ गया !

बंता : संता भाजी पापड़ और झापड़ में क्या फर्क है ?
संता : बंता भाजी एक - एक खालो फर्क पता चल जायेगा !

संता : आज मैं बहुत खुश हूँ ! डारलिंग कहो तुम्हें क्या चाहिये!
जीतो : सुच्चे मोतियों का हार !
संता : अच्छा ! फिलहाल यह धागा पहनो, मोती फिर किसी दिन ला दूंगा !

संता : सुहागरात वाले दिन ही मेरी पत्नी मुझसे कहने लगी मैं तुम्हारी सूरत नहीं देखना चाहती !
बंता : तो तुमने क्या किया ?
संता : बती बुझा दी ?

संता अपने दोस्त से !
संता : दो बातें हमेशा याद रखो ! पहली अपनी पत्नी से जो वादा करो उसे पूरा करो !
बंता : दूसरी बात !
संता : अपनी पत्नी से कभी कोई वायदा न करो !

संता : अगर कल शाम तक मैं 10,000 रूपये का बंदोबस्त नहीं कर सका तो मुझे इज्जत बचाने के लिये ज़हर खाना पड़ेगा !
बंता भाजी क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो ?
बंता : सॉरी संता भाजी मेरे पास ज़रा सा भी ज़हर नहीं है!

संता: अब मैं किसी भी लड़की के सामने शादी का प्रस्ताव नहीं रखूंगा !
बंता: क्यों फिर किसी लड़की ने तुम्हारा प्रस्ताव ठुकरा दिया?
संता : नहीं स्वीकार कर लिया!

संता : बंता भाजी मैं शादी इसलिये नहीं करवाता क्योंकि मुझे सभी औरतों से डर लगता है !
बंता : तब तो तुम्हें शादी कर लेनी चाहिये फिर तुम सभी औरतों से नहीं डरोगे! सिर्फ एक से डरोगे !

End of content

No more pages to load

Next page