संता कॉलेज में एक सुन्दर लड़की से बोला,'आपका नाम क्या है?'
लड़की (गुस्से में) बोली, 'मुझे सब बहन कहते हैं।'
संता: ओ अच्छा! आप ही हैं वो जिसकी वजह से सब मुझे जीजा जी, जीजा जी कहते हैं।
संता ने बंता से कहा: मुझे कल रात भर नींद नहीं आई।
बंता: क्यों भाई क्या हुआ?
संता: कल रात भर मैं यही सपना देखता रहा मैं नींद में जाग रहा हूँ।
संता: डॉक्टर साहब मुझे बार-बार यही सपना दिखता है कि मेरे पास से होकर सुन्दर-सुन्दर लड़कियां तेजी से भाग रहीं हैं।
डॉक्टर: उसमें मुझसे क्या चाहते हो?
संता: आप ऐसी दवा दीजिए कि या तो उन लडकियों की रफ़्तार कुछ कम हो जाए या फिर मेरी रफ़्तार बढ़ जाए।
जीतो (गुस्से में): मैं पूछती हूँ कि ऐसा चोर नौकर क्यों रखा?
संता: क्यों क्या हुआ?
जीतो: होना क्या था, आप परसों होटल से जो चांदी की प्लेट चुरा के लाये थे, वो इसने गायब कर दी।
संता: यार मैं परेशान हो गया हूँ, मेरी बीवी हमेशा पिछले पति के बारे में ही बातें करती रहती है।
बंता: शुक्र करो भाई! मेरी बीवी तो अगले पति के बारे में बातें करती है।
संता: तुम्हारे पास क्या सबूत है कि तुमने एक साल तक सेठ जगन्नाथ जी के यहां भोजन बनाया है?
रसोइया (नौकर): मेरे पास ऐसे कई बर्तन हैं जिन पर उनका नाम लिखा हुआ है।
बंता: विवाह में दूल्हे को घोड़ी पे बैठाया जाता है, गधे पे क्यों नहीं?
संता: ताकि दो गधो को एक साथ देखकर दुल्हन डरे ना।
संता (रात को): यार टाइम कितना हुआ है?
बंता ने सड़क से एक पत्थर उठाया और सामने वाले घर की खिड़की पर मारा।
बूढ़ी औरत: रात को 1 बजे किसका दिमाग खराब हो गया है?
संता: तुम तो जानते ही हो कि मैं मेहनत करके नीचे से ऊपर आया हूँ।
बंता: क्यों नहीं, पहले तुम बूट पॉलिश किया करते थे और अब सर पर तेल मालिश का काम करते हो।
संता: यार तूने तो कहा था कि यहाँ घुटने तक पानी है, लेकिन मैं तो डूबने वाला था?
बंता: बात ये है कि मैं भी यहाँ नया हूँ, मैंने सुबह बतखों को यहाँ तैरते देखा था, उनके तो घुटने तक ही पानी था।



