बंता: मेरा घोड़ा कभी तो ठीक चलता है पर कभी लंगड़ा कर!
डाक्टर संता: आजकल वह कैसे चल रहा है?
बंता: लंगड़ा के!
डाक्टर संता: तो मेरी मानो जब वह ठीक चलने लगे तो उसे बेच देना!

संता अपने बूट पालिश कर रहा था तो बंता ने उसको देखकर पूछा!
बंता: आप अपने बूट आप पालिश करते हो?
संता: मैं तो अपने बूट पालिश करता हूँ, तुम किसके करते हो?

संता और बंता एक दूसरे से मिले तो दोनों ने हाथ मिलाया!
संता: तुमसे मिलकर बड़ी ख़ुशी हुई!
बंता: पर मुझे आपसे मिलकर कोई ख़ुशी नहीं हुई!
संता: चलो न हुई हो पर कम से कम तुम मेरी तरह झूठ तो बोल सकते थे!

संता ने अमरुद लिये तो उनमे कीड़ा निकला!
संता: इसमें तो कीड़ा निकला है!
अमरुदवाला: ये किस्मत की बात है क्या पता अगली बार मोटर साईकिल निकल जाए!

संता रोटी का एक टुकड़ा खुद खा रहा था और दूसरा एक पास बैठी मुर्गी को खिला रहा था!
बंता: ये क्या कर रहे हो?
संता: चिकन के साथ रोटी खा रहा हूँ. नवरात्रे चल रहे है न!

बंता: आप अपनी पत्नी को हीरों का हार देने की बजाय कोई कार गिफ्ट में क्यों नहीं दे देते?
संता: ऐसी कार कहाँ से ले कर आऊंगा जो हो तो नकली पर हो बिल्कुल असली जैसी?

बंता: आप ऑफिस में तो शेर बनकर घूमते हैं, घर पर क्या हो जाता है?
संता: घर पर भी शेर होता हूँ, बस ऊपर दुर्गा माँ सवार हो जाती है!

संता: जब मेरी नई नई शादी हुई थी तो मुझे बीवी इतनी प्यारी लगती थी कि मन करता था खा जाऊं!
बंता: और अब?
संता: खा ही जाता तो अच्छा था!

बंता: हर पति के लिये पत्नी का होना जरुरी क्यों है?
संता: क्योंकि वह हर काम के लिये सरकार को दोषी नहीं ठहरा सकता!

बंता: दफ्तर जाने से पहले मैं अपनी पत्नी को किस ज़रूर करता हूँ!
संता: तुम्हारे दफ्तर जाने के बाद मैं भी यही करता हूँ!

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