पप्पू: मम्मी, आज स्कूल में टीचर पूछ रही थी कि मेरे और कितने भाई-बहन हैं तो मैंने कह दिया कि मैं तो अपने मां-बाप की इकलौती संतान हूं।
जीतो: तो टीचर ने क्या कहा?
पप्पू: टीचर ने हाथ जोड़े और कहा, "शुक्र है भगवान का"।
बंटी: क्या कोई कार्ड देखकर भी भविष्यवाणी कर सकता है?
पप्पू: हां, कर सकता है।
बंटी: कौन?
पप्पू: मेरी माँ, वो मेरा रिपोर्ट कार्ड देखते ही बता देती हैं कि पिताजी के आते ही मेरी क्या गत बनने वाली है।
गर्लफ्रेंड (पप्पू से): तुम सब लड़के एक जैसे ही क्यों होते हो?
पप्पू: क्योंकि हम मेक-अप नहीं लगाते इसलिए।
बंटी: मैं ज़िंदगी में कुछ बड़ा और साफ़-सुथरा करना चाहता हूँ।
पप्पू: तो तू एक हाथी को नहला दे। वो बड़ा भी है और साफ़ भी हो जायेगा।
पप्पू: पापा, सूरज, धरती से कितनी दूर है?
संता: मुझे नहीं पता।
पप्पू: आप की इसी नासमझी की सज़ा मुझे कल स्कूल में मिलेगी।
टीचर: ये बताओ कि सूखे और बाढ़ में क्या अंतर है?
पप्पू: जी, ज़मीन-आसमान का फर्क है?
टीचर: वो कैसे?
पप्पू: सूखे में प्रधान मंत्री कार से दौरा करते हैं और बाढ़ में हेलीकॉप्टर से।
पप्पू: लोग कहते है कि हम अपनी गलतियों से सीखते हैं।
टीचर: हाँ बिल्कुल सही है।
पप्पू: इसीलिए मैं इतनी गलतियां करता हूँ ताकि मैं Genius बन सकूँ।
संता (पप्पू से): बेटा, अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारी परीक्षा की तैयारी करने में मदद कर सकता हूँ।
पप्पू: नहीं शुक्रिया पापा, आप मेहनत मत करें, मैं अपने आप फेल हो जाऊंगा।
पप्पू: मम्मी 'लव मैरिज' करने से घरवाले नाराज होते हैं क्या?
जीतो: तू जरूर किसी चुड़ैल के चक्कर में होगा और यह सब तुझे उसी डायन ने कहा होगा। लड़कियां तो बस लड़कों को फंसाने में ही लगी रहती हैं। जहां अच्छा लड़का देखा शुरू हो गई। बेटा तू इनसे बच के रहना। ये बहुत मक्कार और कमीनी होती हैं। और इनका तो खानदान भी...
पप्पू: बस मम्मी, ऐसा कुछ नहीं है। वो तो पापा बता रहे थे कि आप दोनों की लव मैरिज हुई थी।
पप्पू: चोपड़ा अंकल, आप चेमिस्ट हैं ना?
चोपड़ा अंकल: हाँ बेटा, पर चेमिस्ट नहीं केमिस्ट बोलते हैं!
पप्पू: अच्छा! थैंक्यू, कोपड़ा अंकल !



