संता: बेटा, अमेरिका मे 15 साल के बच्चे भी अपने पैरों पे खड़े हो जाते हैं।
पप्पू: लेकिन पापा भारत मे तो दो साल का बच्चा भागने भी लगता है।
अध्यापक (पप्पू से): आज स्कूल मे देर से आने का तुमने क्या बहाना ढूंढा है?
पप्पू: सर, आज मै इतनी तेज दौड़ कर आया कि बहाना सोचने का मौका ही नही मिला।
पप्पू: पापा मैं फिर से फेल हो गया।
संता: चिंता मत करो तुम शेर के बेटे हो।
पप्पू: हां, पिता जी। मैडम भी यही कहती है। संता: कि तुम शेर के बेटे हो? पप्पू: कुछ ऐसा ही। कह रही थी, पता नहीं तू किस जानवर की औलाद है।
पप्पू ने परीक्षा हॉल में सूसू कर दिया।
अध्यापक: ये क्या किया?
पप्पू: आपने ही तो कहा था इधर-उधर न देखो, जो आ रहा है कर दो, तो मैने कर दिया।
बंटी पप्पू से: मेरे दोस्त ने चुपके से मेरे मोबाईल से मेरी गर्लफ्रेंड का नंबर ले लिया।
पप्पू: फिर क्या हुआ?
बंटी: बेवकूफ कल रात से खुद की बहन को रोमांटिक मैसेज भेज रहा है।
संता: अरे पप्पू बेटा क्या हुआ? आज तुम तराजू और बाट लेकर स्कूल क्यों जा रहे हो?
पप्पू: पापा, कल सर ने हमें सिखाया था कि हमें हर बात को नाप-तौल कर बोलना चाहिए। इसीलिए।
पप्पू: लगता है मैं अंधा हो गया हूँ।
डॉक्टर ने आँख चेक की और बोला: नहीं बेटा तुम्हारी आँखें तो बिल्कुल ठीक हैं।
पप्पू: तो फिर अखबार में 'सफल' विद्यार्थियों की लिस्ट में मेरा रोल नंबर क्यों नहीं नजर आ रहा था?
पप्पू अपने घर गया और घर की घंटी बजाई।
तो अंदर से उसकी बहन पिंकी बोली: कौन?
पप्पू: मैं।
पिंकी: मैं कौन?
पप्पू: तुम पिंकी... और कौन, पगली।
भिखारी (बच्चे से): एक रुपए का सवाल है बच्चा।
पप्पू: गणित के मास्टर साहब बगल में हैं, उन्हीं से पूछ लो।
अध्यापक: वर्तमान में लड़के आगे हैं या लड़कियां?
पप्पू: लड़कियां!
अध्यापक: वो कैसे?
पप्पू: क्योंकि लड़कियां आगे रहती हैं, तभी तो लड़के उनके पीछे चलते हैं।



