मच्छर जैसी ज़िन्दगी हो गयी है!
जहाँ जाओ लोग पहले स्प्रे मारते हैं!
बहुत ज़रूरी हो तो ही घर से निकलें!
जैसे दारु लेने!
गुज़र रही है ज़िन्दगी ऐसे मुकाम से;
अपने भी पराए लगने लगे हैं, सर्दी-जुकाम से!
बहुत कोशिश करके 'क्वारंटाइन' और 'हैड्रोक्लोरोक्विन' बोलना सीखना था!
अब 'रेमडीसीवीर' नया आ गया!
पहले हम छुट्टियों के मज़े लेते थे!
अब छुट्टियां हमारे मज़े ले रहीं हैं!
बेचारी लड़कियाँ किसी के घर रिश्तेदारी में भी जाएं तो बस एक ही दिन मेहमान नवाज़ी होती है!
दूसरे दिन वो लोग भी बर्तन मंजवा लेते हैं!
पहले कोई छींकता था तो आदमी रुक जाता था कि कहीं मेरा काम ना सिमट जाये!
अब कोई छींकता है तो रुके हुए 10 आदमी भी चल देते हैं, कहीं मेरा काम ना निपट जाये!
हमेशा स्पेशल बन कर रहें क्योंकि गर्मी आ गयी है 'आम' हुए तो आचार बना दिए जाओगे!
बाजार में जैसे ही किसी सुंदर चीज़ को देख के मुँह से WOW निकलता है, उसके दाम सुनकर WOW तुरंत ही HAIN बदल जाता है!
एक लड़की की शादी के कुछ दिन पहले उसकी सहेली ने पूछा, "शादी की सारी तैयारियाँ हो गयी?" लड़की: हाँ, दोनों सिम कार्ड तोड़ दिए, फ़ोन भी फॉर्मेट कर दिया! फेसबुक अकाउंट भी डिलीट कर दिया! अब बस तुम अपना मुँह बंद रखना!



