भरे बाज़ार देखो तो लगता है कोरोना दुनिया में आया ही नहीं और...
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न्यूज़ चैनल देखो तो लगता है अब कोई जिंदा बचेगा ही नहीं!
साहब को कोई जा करा बताये कि "मन की बात" पत्नी से की जाती है, जनता से "काम की बात" करनी पड़ती है!
शरीर एवं राष्ट्र दोनों को स्वस्थ रखने का एक ही उपाय है: 'चीनी बन्द'!
शरीर के लिए "देसी गुड" और राष्ट्र के लिए "देसी Goods"!
रेलवे में भर्ती निकली है!
ट्रेन के आगे आगे दौड़ना है रास्ता बताने के लिए, ताकि भटक न जाए!
केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार पर छोड़ा।
राज्य सरकार ने कलेक्टर पर छोड़ा।
कलेक्टर ने नगरपालिका पर छोड़ा।
नगर पालिका ने दुकानदारों पर छोड़ा।
दुकानदारों ने लोगों पर छोड़ा।
लोगों ने सब कुछ भगवान के भरोसे छोड़ा!
तो ये आत्म निर्भर वाला प्रवचन अब जाकर समझ में आया है!
सरकार नें अपनी कमाई के सभी कार्य शुरू कर लिए हैं!
जीएसटी, टोल, शराब, रजिस्ट्री, बिजली दफ्तर, बस, ट्रेन, प्लेन!
लेकिन तुम अपनी दुकानें मत खोलना कोरोना पकड़ लेगा!
आज का ज्ञान:
न्यूज़ चैनल और बीवी दोनों एक जैसे ही होते हैं,
जब तक ये 1 बात को 10 बार ना बता दें, इनको सकून नहीं मिलता।
पुरानी फिल्मों में डाकू अमीरों को लूटते थे और गरीबों में बाँट देते थे!
अब सरकार गरीबों को लूटती है और अमीरों में बाँट देती है!
अब विजय माल्या यह कहता फिर रहा है कि...
अगर भारत सरकार क़र्ज़ देने को राहत पैकेज कह रही है तो मेरे लिए भी यह ऐलान किया जाये कि मैं बैंकों से राहत पैकेज ले कर भागा हूँ!
इसे बोलते हैं गुप्त दान!
सरकार ने 20 लाख करोड़ दे भी दिए और लेने वालों को पता भी नहीं चला!



