कितने दिनों बाद हुई आज बरसात है;
याद दिलाती ये आपकी हर बात है;
हमारी आँखों से चाहे उड़ गयी नींद है;
लेकिन आप हसीं सपने देखो, हमारी दुआ है।
शुभ रात्रि।
रात आती है सितारे लेकर;
नींद आती है सपने लेकर;
काश आपकी हर सुबह आये;
बहुत सारी खुशियाँ लेकर।
सुप्रभात।
सिन्धी अपने घरवालों से बोला, "जो रात को खाना नहीं खायेगा उसे मैं 10 रुपये दूंगा"।
सभी 10 रुपये लेकर सो गए।
और फिर सुबह हुई तो सिन्धी बोला, "जो 10 रुपये देगा, उसी को ही नाश्ता मिलेगा"।
बंता: लड़की और "एस एम एस" (SMS) में क्या समानता है?
संता: जब तक
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..
...
....
ऊपर से नीचे तक देख न लो, चैन ही नहीं पड़ता।
ग्राहक: इस लस्सी में मक्खी गिरी है।
पठान: ओये, दिल बड़ा रख। ये नन्ही सी जान, तेरी कितनी लस्सी पी जायेगी।
जिंदगी जीना आसान नहीं होता;
बिना संघर्ष कोई महान नहीं होता;
जब तक न पड़े हथोड़े की चोट;
पत्थर भी भगवान नहीं होता।
बिन सावन के बरसात नहीं होती;
सूरज डूबे बिना रात नहीं होती;
क्या करे अब कुछ ऐसे हालात हैं;
आपकी याद आये बिना दिन की शुरुआत नहीं होती।
शुभ दिवस।
संता एक बार जगजीत सिंह का गाना सुन रहा था जिसके बोल थे, "ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो"।
संता अचानक खड़ा होकर बोला, "मैं तो आप से भी ज्यादा परेशान हूँ। मेरी तो औरत भी ले लो।
बंटी: यार तुमने स्कूल आना क्यों छोड़ दिया?
पप्पू: मैंने अपने पिता जी को कहते सुना था कि एक जगह बार-बार जाने से इज्ज़त कम हो जाती है।
जीतो: मैंने तुम्हें बिना देखे शादी की, क्या तुम इस पर विश्वास करते हो?
संता: और मेरी हिम्मत तो देखो, मैंने तुम्हें देखने के बाद भी तुमसे शादी की?



