लॉकडाउन में एक बात तो समझ आ गयी कि दुनिया में कुछ नहीं रखा है! जो कुछ भी रखा है, किचन में ही रखा है!
वायरस खत्म होने पर किराने वाले यूरोप टूर पर जायेंगे और दवाईयों वाले वर्ल्ड टूर पे!
मैं कोई भी काम कल पर नहीं टालता, परसों पर टाल देता हूँ! ताकि कल भी टेंशन फ्री रह सकूँ!
दुल्हन वही जो पिया मन भाये और पिया वही जो चुपचाप लौकी और करेले की सब्ज़ी खाये!
पहले पंगत फिर संगत का संदेश देने वाले, छूत-अछूत और जात-पात जैसी बुराइयों को दूर करने वाले और आनंद साहिब के रचयिता श्री गुरु अमरदास जी के प्रकाश उत्सव की सभी को बधाई!
सब्र कर ना तू फ़िक्र कर, ये वक़्त इबादतों का है बस ज़िक्र कर और शुक्र कर!
बैंक के बाहर एक बोर्ड लगाया, "आप घर पर रहें और मजे करें, नहीं तो नॉमिनी मजे करेगा!"
बहुत बुरा वक़्त आ गया है! पति लड़ाई करके बाहर नहीं जा सकता और पत्नी मायके!
जिस तरह चेचक को माता का दर्ज़ा मिला है, उसी तरह कोरोना को भी ससुर का दर्ज़ा मिलना चाहिए! कम्बख्त ने सबके चेहरे ढकवा दिए!
लड़कों के साथ तो शुरू से ही पक्षपात होता आया है, लक्स, गोदरेज, डव, जैसे साबुनों के इश्तिहार में लड़कियाँ और लाइफ बॉय के इश्तिहार में लड़कों की!



