अच्छे लोगों को ढूंढ़ना मुश्किल होता है, छोड़ना और भी मुश्किल और भूल जाना तो नामुमकिन! सुप्रभात!
कैसे रह लेते हैं लोग अपनी बीवी के बिना? मेरे तो पडोसी की बीवी मायके चली जाती है तो मेरा मन नहीं लगता!
आज ही मुझे अपनी असीम शक्तियों के बारे में पता चला! जब सुबह एक पड़ोसी ने पूछा, "और भैया ये कोरोना कब ख़त्म करवा रहे हो?"
वैक्सीन का हाल भी शादी के लिए लड़की देखने जैसा हो गया है! पहले पसंद नहीं आ रही थी, अब मिल नहीं रही है!
कोई भी गलती से भी मत बोलना कि, हे भगवान उठा ले, फाइल तुरंत पास हो रही है!
पत्नी: अजी सुनते हो, वैक्सीन का दूसरा डोज लेने जा रहे हो, तो ध्यान रखना... सबको बता देना कि "दूसरा" है! वरना तुम्हारी हमेशा की आदत है, जहाँ भी बैठते हो यही बोलते हो, बस "पहला" ही है!
नालियों की बदबू से परेशान रहने वाले लोग भी फ़िलहाल यही सोचकर सुकून में हैं! कि चलो 'स्मेल' तो आ रही है!
जैसे ही पता चला कि शहर के अधिकारी शादी के लिए परमिशन दे रहे हैं! मैं भी वहाँ पहुँच गया! फिर उन्होंने मुझे समझाया कि जिनकी हो चुकी है, उनको नहीं दे रहे!
हर ख़्वाहिश हो मंज़ूर-ए-खुदा, मिले हर कदम पर रज़ा-ए-खुदा; फना हो लब्ज-ए-गम यही है दुआ, बरसती रहे सदा रहमत-ए-खुदा! ईद मुबारक!
मुबारक हो आपको खुदा की दी हुई यह ज़िंदगी, खुशियों से भरी रहे आपकी ज़िंदगी; गम का साया कभी आप पर न आए, दुआ है यह हमारी, आप सदा यूं ही मुस्कुराएं! ईद मुबारक!



