पत्नी पति से: कोई दूसरी मिल गई हो, तो साफ-साफ बोलो! पति: साफ-साफ!
कोरोना अभी 18 साल का नहीं हुआ तो उसे चुनाव में कोई इंटरेस्ट नहीं है! इसलिए जहाँ चुनाव होते हैं, वहाँ ये नहीं जाता!
किसी भी क्लास में नहीं पढ़ाया जाता कि हमें कैसे बोलना चाहिए! लेकिन जैसे हम बोलते हैं वहीँ से पता चल जाता है कि हम किस क्लास के हैं!
सब कुछ महंगा हो गया लेकिन माचिस आज भी एक रूपये पर रुकी हुई है! क्योंकि आग लगाने वाले की कभी कीमत नहीं बढ़ती!
प्यार के रंगों से भरो पिचकारी, स्नेह के रंगों से रंग दो दुनिया सारी; ये रंग ना जाने कोई जात, ना कोई बोली; आओ मिल मनायें ये खुशियों वाली होली! होली मुबारक!
सरकारी नौकरी वाले सब की मोहब्बत को ब्याह ले जाते हैं इसलिए हमारी दयालु सरकार सब कुछ प्राइवेट कर रही है!
आज का सबसे बड़ा सवाल: भीड़ तो दिन में होती हैं तो कर्फ्यू रात में क्यों लगाते हैं?
सब कहते थे कि तेज़ गर्मी में कोरोना मर जायेगा! यहाँ गर्मी बढ़ते ही इसकी मौज शुरू! हर साल गर्मी की छुट्टी मनाने चला आता है!
रिश्तेदार: रात को कितने बजे सोते हो बेटा? पप्पू: किताब उठा लूँ तो 9 बजे, मोबाइल उठा लूँ तो 2 बजे!
पिछले साल यही वो दिन थे जब कुत्तों को लगा था कि इंसानों को नगरपालिका वाले उठा कर ले गए!



