थोड़ी सी बारिश को मानसून ना समझो! भगवान ने अभी गर्म तवे पर पानी छिड़का है, अब हम सबका डोसा बनेगा!
आतमनिर्भर बनो! खुद की तारीफ खुद करो, दूसरों पर निर्भर मत रहो! उन्हें सिर्फ बुराई के लिए ही छोड़ दो!
मैंने इस साल UPSC का फॉर्म भर दिया है! क्या पता परीक्षा रद्द हो जाये और मैं भी IAS बन जाऊँ!
अब सेनेटाइजर की हालत भी पान गुटखे जैसी हो गयी है! जेब से निकालते ही सामने वाला हाथ फैला देता हो! थोड़ा दियो यहाँ भी!
तुम्हारी इस अदा का क्या जवाब दूँ, अपने यार को क्या उपहार दूँ, कोई अच्छा सा फूल होता तो माली से मंगवाता, जो खुद गुलाब हो उसको क्या गुलाब दूँ! जन्मदिन मुबारक!
आयुर्वेद और एलोपैथी तो अभी सूक्ष्म युद्ध है! असली युद्ध तब होगा जब देसी और अंग्रेजी पर बात आएगी!
मोहब्बत नहीं तो मन कर देती, मेरी बीवी को बताने की क्या ज़रूरत थी?
पैसा आएगा चला जाएगा, खुशियाँ आएँगी चली जाएँगी, एक मोटापा ही सच्चा है जो एक बार आ जाये फिर कभी नहीं जाता!
कुछ भी ना बचा कहने को हर बात हो गयी; आओ चलो शराब पियें रात हो गयी!
पता नहीं कि ये कब सुनने को मिलेगा कि अधिक से अधिक संख्या में लोग उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनायें!



