आने वाले पीढ़ियों का तो बेड़ा गर्क ही समझो, क्योंकि उनके सयाने बुजुर्ग हम होंगे!
वो मिली भी तो वैक्सीनेशन सेंटर पर, उससे गले मिलते या दो गज की दूरी रखते!
जली हुई भिंडी को कुरकुरी भिंडी बताकर खिलाने का हुनर सिर्फ भारतीय पत्नियों में ही है!
इस भयंकर गर्मी में मानवता के नाते पानी तो सभी पिला देते हैं! कोई ठंडी बियर पिलाने वाला दयावान हो तो मुझे ज़रूर संपर्क करना!
भरोसा कुछ इस कदर उठ गया है लोगों का मुझसे कि, अब बच्चे भी चॉक्लेट और कुरकुरे का पैकेट खुलवाने भी नहीं आते!
भारत में लोग दो काम बेझिझक करते हैं! 1. बैंक वालों को घर किराए पर देना 2. डॉक्टर की पुरानी गाडी खरीदना
पिछली मोहब्बत को ना भूल पाने की वजह, बाबू को दिए हुए तोहफे और कराये गए रिचार्ज भी होते हैं!
कुछ तो ज़मीर बाक़ी है अख़बारों में, तारीख़ और वार आज भी सही बताते हैं!
पहले लोग बोलते थे कि ज़िन्दगी रही तो फिर मिलेंगे!
अब बोल रहे हैं कि लॉकडाउन खुला तो फिर मिलेंगे!
पहली लहर, दूसरी लहर, तीसरी लहर...!
समझ नहीं आ रहा महामारी है या कोई वेब सीरीज!



