इस समय ना किसी के घर जाओ और ना किसी को घर बुलाओ, क्योंकि "अतिथि फिर से रिस्की भव:"
हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहाँ दम था; दूसरी ने भी छोड़ दिया, पहली ने काटा क्या कम था!
रिश्तों में मिठास रखने के लिए सिर्फ एक ही शर्त है! दिल इस्तेमाल करें, दिमाग नहीं! सुप्रभात!
आज का ज्ञान: हँसी, मुस्कान, तसल्ली, चैन, सुकून, अपनापन और राहत ये चीज़ें पैसे से नहीं मिलती! इसके लिए पीनी पड़ती है!
महाराष्ट्र में जिस प्रकार से कोरोना बढ़ रहा है! अब तो इस राज्य को सिर्फ 'विधानसभा चुनाव' ही बचा सकते हैं!! चुनाव आयोग कृपया संज्ञान ले!
भारत में गोत्र सिर्फ दो ही समय पर बताया जाता है। एक विवाह के समय पर और दूसरा चुनाव के समय पर।
सिर्फ वायरस ही नहीं खुद को भी फैलने से रोकना है!
माँ: बेटा घर आजा तेरी पसंद की सब्ज़ी बनाई है! पापा: बेटा घर आजा तेरे लिए बाइक लेना है! बहन: भईया घर मत आना, तुम्हारी पॉकेट से सिगरेट मिली है! एक हज़ारों में मेरी बहना है!
'पागल' शब्द भी अजीब है! लोग कहें तो बुरा लगता है, कोई लड़की कहे तो प्यार नज़र आता है!
कुछ भी कहो राक्षस जाती हँसमुख बहुत थी! हर बात बोलने के बाद हँसते ज़रूर थे! ऐसे ही मेरे दोस्त करते हैं! राक्षस ही हैं वो भी!



